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पर्सनल हैल्थ डे - परिचय

पर्सनल हैल्थ डे, AumsWow की एक पहल है, जिससे लोगों को उनके ही स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा सके। यह प्रत्येक माह की पहली तारीख़ को मनाया जाता है। इस दिन प्रत्येक व्यक्ति को 30 मिनट का समय निकाल कर, स्वास्थ्य की दृष्टि से, अपने शरीर की स्वंय जाँच पड़ताल करनी चाहिए।



क्यों मनायें PHD?

अधिकतर बीमारियाँ रातों-रात या अचानक नहीं होती हैं, बल्कि शरीर में धीरे-धीरे पनपती हैं। यदि प्रत्येक माह स्वास्थ्य की दृष्टि से व लक्षणों के आधार पर व्यक्ति स्वंय अपने शरीर की जाँच पड़ताल करे, तो न केवल अपने शरीर में होने वाली बीमारियों को पहचान सकता है बल्कि उचित उपचार द्वारा उन्हें सही समय पर ठीक भी किया जा सकता है।

आज के समाज में व्यक्ति की अपने स्वास्थ्य के प्रति अवहेलना (लापरवाही) चरम पर है और कभी-कभी जीवन की अति-व्यस्तता (अधिक बिजी होने) को भी दोष दिया जा सकता है, इस कारण शरीर में दिखने वाले लक्षणों को भी अनदेखा कर दिया जाता है जिससे बीमारियों को बड़ा रूप लेने का समय मिल जाता है और सरलता से ठीक करने का अवसर हाथ से निकल जाता है।

यह PHD पहल आप सभी को आपके स्वास्थ्य के प्रति नियमित रूप से जाँच पड़ताल में मदद करेगी और उसका रिकार्ड रख, बीमारियों के बढ़ने से पहले ही, आपको सजग करेगी।

स्वास्थ्य-जाँच के मापदंड




हृदय की सामान्य गति (नाड़ी गति) 60 से 100 धड़कन प्रति मिनट होती है। खिलाड़ियों के लिए यह 40 धड़कन प्रति मिनट भी हो सकती है। यदि विश्राम की स्थिति में आपकी नाड़ी-गति सामान्य से कम या अधिक है तो चिन्ता का विषय अवश्य है।





चाहे आपकी लंबाई अथवा शरीर की बनावट जैसी भी हो, यदि कमर का माप, पुरूष के लिए 94 cm (37 इंच) और स्त्री के लिए माप 80 cm (31.5 इंच) से अधिक है तो यह वसा की तह (fat layer) का संकेत है और इसे स्वास्थ्य के लिए खतरा ही समझे।





यदि आपका रक्तचाप 110/75 से 140/90 के बीच में है तो आप बधाई के पात्र हैं। स्त्री हो या पुरुष दोनों के लिए यह रक्तचाप दवाब सामान्य है। यदि ऐसा नहीं हैं तो आपको अपने हृदय के स्वास्थ्य के बारे में एक बार फिर से विचार करना चाहिए ।





जाँच - पड़ताल कैसे करें?

'पर्सनल हैल्थ डे' के दिन जाँच योग्य शारीरिक लक्षणों की सूची यहाँ दी गई है कृपया विस्तार से पढ़कर प्रैक्टिकल जाँच -पड़ताल करें। सूची में मापदंडों के साथ - साथ चित्रों तथा लेखन द्वारा सहायता दी जा रही है जिससे जाँच प्रक्रिया को ठीक प्रकार से करने में मदद मिलेगी।

सुझाए गए मैडिकल टैस्ट 6 माह में एक बार नियमित रूप से करायें ।




दुष्परिणाम

चाहे कारण कुछ भी क्यों न हो जब बीमारी शरीर में पनपती है तो शारीरिक, रासायनिक और जैविक परिवर्तन दिखाई देने लगते हैं। वैसे भी शरीर में एक समझदार रक्षा प्रणाली, जिसे जीवन-शक्ति कहते हैं, कार्यरत रहती है और सभी प्रकार की बीमारियों के आक्रमण से रक्षा करने का प्रयास करती रहती है।

बीमारी और जीवन-शक्ति के इस टकराव के कारण भी कुछ शारीरिक लक्षण दिखाई पड़ने आरंभ हो जाते हैं। यदि इन लक्षणों को समय रहते देखकर समझ लिया जाए तो बीमारियों को सरलता से ठीक किया जा सकता है।

यदि ऐसा नहीं होता है तो निम्न लिखित रोग (जिनकी सूची केवल यहीं समाप्त नहीं होती है) आपको अपना शिकार बना सकते हैं।


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